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सिद्धि माता की भविष्यवाणी! 😱उड़ गए पुष्पा और गायत्री माँ के होश! Tum se Tum Tak | Amit Rajput talks शर्मा निवास की चौखट पर आज तनाव इतना गहरा था कि हवा भी भारी महसूस हो रही थी क्योंकि आज वर्धन खानदान की मुखिया गायत्री देवी अपने वफादार झेंडे के साथ सीधे अनु के घर आ पहुंची थीं। घर के अंदर घुसते ही गायत्री देवी ने अपनी गंभीर और रौबदार आवाज़ में गोपाल जी से सीधा सवाल दाग दिया कि क्या उन्होंने वाकई सोच-समझकर अनु का रिश्ता मोहित से तय किया है या यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। गोपाल जी और पुष्पा जी गायत्री देवी के सामने नतमस्तक थे और डर रहे थे मगर अपनी मजबूरी और जिद्द के चलते गोपाल जी ने हाँ में सिर हिला दिया। कोने में खड़ी अनु की आँखों में आंसुओं का सैलाब उमड़ रहा था लेकिन उसने अपने परिवार की इज़्ज़त और पिता के वचन की खातिर अपने होठों को सिल लिया था और जब गायत्री देवी ने उससे पूछा तो उसने भी अपनी रूह को मारकर मोहित से शादी के लिए मूक सहमति दे दी जिसे सुनकर गायत्री देवी के चेहरे पर निराशा छा गई। तभी वहां मीरा की एंट्री हुई जो बिल्कुल नहीं चाहती थी कि अनु और आर्या का मिलन हो। मीरा ने आते ही अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से माहौल को और भी शक के घेरे में डाल दिया और गायत्री देवी को यह यकीन दिलाने की कोशिश की कि मोहित ही अनु के लिए सही जीवनसाथी है। मीरा के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी क्योंकि उसे लग रहा था कि उसका प्लान कामयाब हो गया है और अब अनु हमेशा के लिए आर्या की ज़िंदगी से दूर हो जाएगी। गायत्री देवी भारी मन से वहां से उठ खड़ी हुईं और दरवाजे की तरफ बढ़ीं क्योंकि उन्हें लगा कि शायद यही नियति है लेकिन उन्हें क्या पता था कि आज उस घर की किस्मत पलटने वाली है। जैसे ही गायत्री देवी दहलीज पार करने वाली थीं तभी अचानक एक तेज हवा का झोंका आया और माहौल में घंटियों की गूंज सुनाई देने लगी। सबकी नज़रें दरवाजे पर टिक गईं और वहां साक्षात सिद्धि माता खड़ी थीं जिनके चेहरे पर एक अलौकिक तेज था। सिद्धि माता को वहां देखकर मीरा के पैरों तले ज़मीन खिसक गई और गोपाल जी और पुष्पा जी ने तुरंत उनके चरण स्पर्श किए। सिद्धि माता ने अनु की उदास आँखों में देखा और फिर अपनी गंभीर वाणी में गोपाल जी और पुष्पा जी को फटकार लगाते हुए कहा कि तुम लोग यह क्या अनर्थ करने जा रहे हो। उन्होंने पूरे अधिकार के साथ अपना फैसला सुनाया कि अनु की कुंडली और लकीरें मोहित के साथ नहीं बल्कि आर्या के साथ जुड़ी हुई हैं। सिद्धि माता ने सबके सामने ऐलान कर दिया कि अनु और आर्या का रिश्ता इंसान ने नहीं बल्कि खुद भगवान ने बनाया है और इस पवित्र बंधन को तोड़ने की कोशिश करना महापाप होगा। उन्होंने गोपाल जी को आदेश दिया कि जिद्द छोड़ो और इसी वक्त अनु और आर्या की शादी की तैयारी करो क्योंकि यही विधाता का लेख है। सिद्धि माता के इन शब्दों ने जहाँ मीरा और मोहित के सपनों पर पानी फेर दिया वहीं अनु के मुरझाए चेहरे पर उम्मीद की नई किरण जगा दी और गायत्री देवी ने भी राहत की सांस ली कि अब सच और धर्म की जीत होगी।