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शूर्पणखा अपने अपमान का बदला लेने के लिए अपने भाई खर और दूषण के पास जाती है और अपने अपमान का बदला लेने के लिए कहती है। खर दूषण श्री राम से युद्ध करने के लिए अपनी सेना को लेकर निकल पड़ते हैं। श्री राम खर दूषण को चेतावनी देते हैं लेकिन वो नहीं मानते तो श्री राम अपनी माया शक्ति से उनकी सेना को आपस में ही लड़वा देते हैं। अंत में श्री राम खर और दूषण का भी वध कर देते हैं। शूर्पणखा यह देख कर अपने भाई रावण के पास जाती है और उनसे अपने अपमान का बदला लेने के लिए सीता का हरण करने के लिए कहती है। रावण की सभा में उसका भाई विभीषण भी बैठा था वह सब कुछ सुनकर रावण को समझाता है लेकिन रावण उसकी एक नहीं सुनता और मारीच के साथ मिलकर सीता जी का हरण करने की चल चलता है। मारीच भी रावण को समझता है लेकिन रावण के सिर पर अपनी बहन का अपमान और सीता को हरण करने की सोच हावी हो चुकी थी। मारीच रावण की बात मान कर सोने का मृग बन जाता है और सीता जी के सामने चला जाता है सीता जी उस मृग को देख कर मोहित हो जाती है और श्री राम को उसे लाने के लिए भेज देती है। श्री राम के आते ही मारीच भागने लगता है और श्री राम को दूर ले जाता है जैसे ही श्री राम को समझ आता है की ये कोई मायावी है तो वो उस पर बाण चला देते हैं। मारीच बाण लगते ही श्री राम की आवाज़ में लक्ष्मण और सीता को मदद के लिए पुकारने लगता है। श्री राम क्की आवाज़ सुन सीता जी लक्ष्मण को श्री राम की मदद के लिए भेजती है तो लक्ष्मण कुटिया के चारों ओर लक्ष्मण रेखा खिंच का उस कुटिया को मंत्र से सुरक्षित बना देता है और सीता जी को कहता है की वो इस रेखा के बाहर ना जाए। लक्ष्मण के जाते ही सीता जी को अकेले देख रावण ब्राह्मण का भेष बदल कर आता है और सीता जी से भिक्षा माँगता है। रावण को भिक्षा देने के लिए जैसे ही सीता जी रेखा पर करके बाहर जाती है तो रावण उन्हें उठा लेता है और अपने साथ अपने पुष्पक विमान में बैठा कर लंका की ओर चल पड़ता है। जटायु रावण को रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन रावण जटायु के पंख काट देता है जिस से जटायु ज़मीन गिर जाता है। श्री राम और लक्ष्मण वापस लौटते हैं तो सीता जी को नहीं पाते दोनों सीता जी को खोजने के लिए वन में जाते हैं तो उन्हें जटायु दिखता है जटायु उन्हें सारी बात बताता है। श्री राम जटायु की मृत्यु के बाद उसका संस्कार करते हैं और वन में आगे बढ़ते हैं। रस्ते में उन्हें कबंध रक्षस मिलता है जो एक गंधर्व देवता था श्राप के कारण राक्षस बन गया था। श्री राम उसके श्राप को समाप्त करते हैं और गंधर्व उन्हें सीता जी को खोजने के लिए हनुमान और सुग्रीव को खोजने के लिए कहते हैं जिसके बारे में शबरी उन्हें बता सकती है। शबरी श्री राम की भक्त थी वो उनका इंतज़ार कर रही थी की वो कब आएँगे और उसे उनके दर्शन प्राप्त होंगे। शबरी को उसके गुरु ने पहले ही बता दिया था की एक दिन श्री राम अपनी पत्नी सीता जी को खोजते हुए यहाँ आएँगे और जब वो यहाँ आए तो तुम उन्हें सुग्रीव और हनुमान जी का पता बता देना ताकि वो उनकी मदद से रावण का वध कर सीता को वापस पा सके। श्री राम शबरी के पास जाते हैं शबरी श्री राम और लक्ष्मण को मीठे बेर खिलाती है और उन्हें सुग्रीव के पास जाने का रास्ता बताती है। शबरी श्री राम को अपने गुरु की समाधि स्थान पर ले जाती है। शबरी श्री राम से आज्ञा लेकर अपने गुरु के पास स्वर्ग में चली जाती है और श्री राम किष्किन्धा की ओर निकल पड़ते हैं। रामायण कुंजी एक ऐसी श्रीनकल है जो रामायण का सार तथा मार्गदर्शिका जो इसे समझने और इसके गूढ़ अर्थों को जानने में सहायता प्रदान करे।और जटिल बात को सरलता से समजा जा सके रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है। निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर पटकथा और संवाद - रामानंद सागर संगीत - रविंद्र जैन शीर्षक गीत - जयदेव अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा संपादक - सुभाष सहगल कैमरामैन - अजीत नाइक प्रकाश - राम मडिक्कर साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार Ramayan is an Indian television series based on ancient Indian Sanskrit epic of the same name. The show was originally aired between 1987 and 1988 on DD National. It was created, written, and directed by Ramanand Sagar. The show is primarily based on Valmiki's 'Ramayan' and Tulsidas' 'Ramcharitmanas'. The series had a viewership of 82 per cent, a record high for any Indian television series. The series was re-aired during the 2020 Coronavirus lockdown and broke several viewership records globally which includes setting the record for one of the most watched TV shows ever in the world, with 77 million viewers on 16 April 2020. #shreeram #ram #ramayan #ramayantvseries #ramayankunji