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Biography Of Vijay Arora : Ramanand Sagar Ramayan के Meghnad और Yaadon Ki Baaraat के हीरो #Vijay_Arora की कहानीनमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका नारद टीवी पर मैं हूँ अनुराग और आप देख रहें है नारद टीवी की खास पेशकश #BHULE_BISRE_LOG इस शो में हम बात करते हैं कुछ ऐसे फिल्मी सितारों की जिन्होंने अपनी प्रतिभा से लोगों का दिल तो जीता लेकिन सिनेमा के इतिहास के पन्नों पर ना जाने क्यों इनकी छवि धूमिल हो गयी। ये हम उनकी बदनसीबी कहें या लोगों की स्टारडम देखने की आदत। हमारी कोशिश है इन्ही सितारों को आपसे रूबरू करने की। तो देश दुनिया से सम्बंधित ख़बरों,रोचक तथा ज्ञानवर्धक वीडियोस के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। भूले बिसरे लोग के इस एपिसोड में हम बात कर रहें हैं एक ऐसे फ़िल्मी सितारे की जिसकी कहानी बहुत ही दर्द भरी है। एक ऐसा कलाकार जिसकी तुलना कभी राजेश खन्ना जैसे दिग्गज कलाकर से हुई मगर अफ़सोस उन्हें ये मुकाम नहीं मिल पाया। अपने हैंडसम लुक से इन्होने सभी का दिल जीत लिया मगर सिने संसार से इन्हे वो सम्मान नहीं मिला जिसके ये असली हकदार थे। जी हाँ ,आज हम आपको रूबरू करने जा रहें हैं फिल्म यादों की बारात के हैंडसम हीरो विजय और रामायण के मेघनाद से। इनका नाम है विजय अरोड़ा। विजय अरोड़ा का जन्म २७ दिसंबर १९४४ को पंजाब अमृसर में हुआ था। जब इन्होने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा तो इनके हैंडसम लुक से हर कोई प्रभावित हो गया। । जिसमे इनके अपोजिट हीरोइन थीं रीना रॉय। और ये दौ और इन दोनों के बाद अगर किसी का नाम लिया जा रहा था तो वो थे विजय अरोड़ा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेश खन्ना ने खुद ये बात कही थी की मेरी जगह अगर कोई लेगा तो वो हैं विजय अरोड़ा। १९७२ में आयी फिल्म जरुरत बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल तो नहीं कर पायी लेकिन ये अपने हैंडसम लुक को लेकर फिल्मकारों को नजर में आ गए। १९७२ में ही इन्हे फिल्म मिली राखी और हथकड़ी जिसमे इनके अपोजिट थीं उस दौर की खूबसूरत अदाकारा आशा पारेख जी। चुरा लिया है तुमने जो दिल को ये गाना हर संगीत प्रेमी अक्सर गुनगुनाते रहतें हैं। ये गाना था साल १९७३ में आयी फिल्म यादों की बारात का। फिल्म यादों की बारात में इन्हे मौका मिला धर्मेंद्र के तीन भाइयों में एक भाई विजय के किरदार को निभाने का मौका । और इनकी हेरोइन थीं जीनत अमान। इस फिल्म के इस सुपरहिट गाने ने इन्हे अमर कर दिया। १०७३ में ही इन्हे मौका मिला जया भादुरी और वहीदा रहमान के साथ स्क्रीन शेयर करने का। फिल्म का नाम था फाल्गुन। फिल्मों में बतौर नायक इनका करिअर बहुत काम ही रहा मगर जितनी भी फ़िल्में इन्होने की बतौर नायक उनमे इनकी हीरोइन उस दौर की नामी और खूबसूरत अभिनेत्रियां ही रहीं। जैसे आशा पारेख जीनत अमान,जया भादुरी ,तनूजा ,मौसमी चटर्जी ,शाबान आजमी,आदि। १९७५ तक हर तरफ इन्ही की चर्चा होने लगी थी मीडिया ने इन्हे सर आखों पर बिठाया लेकिन यही स्टारडम फिल्म जगत में व्याप्त राजनीती का शिकार हो गया और बतौर नायक इन्हे काम मिलना मुश्किल हो गया। इसके बाद इन्होने साइड रोल कर अपने डगमगाते फ़िल्मी करिअर को बनाये रखा. अमिताभ बच्चन की फिल्म नसीब गोविंदा के साथ दोस्त गरीबों का अदि फ़िल्में की बॉलीवुड के लगभग हर दिग्गज कलाकारों के साथ इन्होने काम किया। ९० के दशक में इन्होने कई फिल्मों जैसे पुरानी हवेली,विश्वात्मा ,बड़े दिल वाला ,डांकू आदि में छोटा मोटा रोले किया. और यही दौर इनके करिअर का सबसे बुरा दौर था जब बमुश्किल इन्हे फिल्मों में काम मिल रहा था। ८० के दशक के अंत में में इन्हे एक बड़ी सफलता हाथ लगी रामानंद सागर के रामायण में मेघनाद का किरदार कर के। मेघनाद के किरदार करके ये बतौर चरित्र अभिनेता के रूप में उभरे। इन्हे हमेश इस बात का दुःख रहा की इन्होने जितनी मेहनत की उसका सही प्रतिफल इन्हे कभी नहीं मिला। अपने पुरे फ़िल्मी करिअर में इन्होने लगभग110 फिल्मों में काम किया और ५०० से के करीब टेलीविसन सेरिअल्स के एपिसोड में काम किया। फिल्म जगत में अभिनय के अलावां इन्होने अपना एक सॉफ्टवेयर हाउस भी खोला जिसमे ये आड़ फ़िल्में और कॉर्पोरटे फ़िल्में बनाते थे। इन्होने बच्चों के लिए एक सेराइल भी बनाया जो की अवार्ड वीनर रही थी। साल २००१ में ये नजर आये सीरियल लकीरें,तलाश और केतन मेहता की डॉक्यूमेंट्री सीरीज प्रधानमंत्री में। साथ ही साथ इन्होने गुजरती सिनेमा में भी इन्होने अपने अभिनय की चाप छोड़ी। फिल्मke अलावा इन्होने और भी कई कार्यों में हाथ आजमाया। और अगर रुख करें निजी जिंदगी की तरफ तो पता चलता है की इनका विवाह हुआ था दिलबर डेबरा से जो की पूर्व में एक मॉडल और मिस इंडिया रह चुकी थी. ये सिख थे तो दिलबर पारसी धर्म से थीं. इनके बेटे का नाम है फरहाद।2003 में आयी फिल्म इंडियन बाबू इनके फ़िल्मी करिअर की अंतिम फिल्म थी। २ फ़रवरी २००७ को इनकी मौत stomach कैंसर से हो गयी। विजय अरोरा जी के जीवन की कहानी को देखने के बाद ये आभाष होता है की शायद फिल्म जगत में सच्चे और अच्छे कलाकारों की कोई क़द्र ही नहीं है। अगर इनके मेहनत का सही प्रतिफल इन्हे मिला होता तो शायद ये भी आज महानायकों की लिस्ट में शामिल होते। लेकिन विजय जी के चाहने वालों के दिल में ये आज भी एक सुपरस्टार की तरह बसतें हैं। हम उनकी कमी को हमेशा मह्सुश करेंगे। Naarad TV यूट्यूब चैनल पर स्वागत है. यहां आपको मिलेगी लेटेस्ट खबर, पॉलिटिकल उठापटक, मनोरंजन की दुनिया, खेल-खिलाड़ी, सोशल मीडिया का वायरल रायता, फिल्म रिव्यू, खास मुद्दों पर माथापच्ची और बहुत कुछ. हिंदी में धड़ाधड़ खबरों, एक्सक्लूसिव वीडियोज़ और कुछ रोचक जानकारियों के लिए जुड़े रहो Naarad TV के साथ. जड़ से जहाँ तक...... 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