У нас вы можете посмотреть бесплатно आइये आँखों की चोट के बारे मेँ जानते हैं - HOW TO PREVENT EYE INJURIES или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
आँखों के होने वाले नुकसान आँखे मनुष्य शरीर का सबसे नाजुक हिस्सा है, कार्यस्थल पर आँखों का विशेष ध्यान रखना जरुरी है, फैक्ट्रीज में आँखों की सेफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है, जागरूकता एवं सुरक्षा | काम करते समय आँखों मे कचरा, धुल, केमिकल्स, या कोई भी भी बाहरी पदार्थ या नुकीली वस्तु से आँखों को बहुत नुकसान हो सकता है, जिससे बचाव किया जा सकता है | एक छोटा सा सीमेंट का कण भी आँखों मे असहनीय दर्द दे सकता है, एवं कालीपुतली याने कॉर्निया को ख़राब कर रौशनी को हमेशा के लिए नुकसान पंहुचा सकता है | इसके अलावा लम्बे समय तक सूरज की रोशनी, यू वी लाइट एवं वेल्डिंग से भी आँखों की रोशनी को नुकसान हो सकता है, आँखों के बचाव - कार्यस्थल पर ऑय सेफ्टी के लिए कई सारी चीज़े होती है जैसे सेफ्टी ऑय वियर, हर महीने बचाव की योजनाओ की समीक्षा एवं मशीनों एवं उपकरणों की देखभाल | साथ ही स्टाफ को समय समय पर आँखों के देखभाल के बारे में बताना एवं प्रशिक्षण जिससे वो अपनी और साथियों की आँखों की सुरक्षा कर सके | आँखों की सुरक्षा को दर्शाने के लिए हरे कलर का कलाई बैंड और हरी रिबन का इस्तेमाल किया जाता है | आँखों की सुरक्षा केवल फेक्टरी, या बाहरी निर्माण कार्य के अलावा बंद ऑफिस के कंप्यूटर से भी जरुरी है | कंप्यूटर के लगातार घंटो इस्तेमाल की वजह से आँखों पर दुष्प्रभाव हो सकते है जिसे डिजिटल स्ट्रेन सिंड्रोम या कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम कहा जाता है एवं इसके बारे में भी स्टाफ को जानकारी होनी चाहिए | सेफ्टी नियमो की जानकारी एवं उनका पालन किसी बड़े नुकसान से आँखों को बचा सकता है | नियमित आँखों की जाँच, प्राथमिक चिकित्सा जिससे की आँखों की चोट का प्रारंभिक निवारण किया जा सके एवं इसके अलावा अगर विज़न सेन्टर फैक्ट्री में हो सके तो अच्छा है | सुरक्षा उपकरणों का सही इस्तेमाल करे जैसे गॉगल्स, हेलमेट, मास्क, फेसशील्ड्स एवं फुल फेस रेसपीरेटर | ना केवल स्वयं की बल्कि साथी कर्मचारियों की आँखों का बचाव एवं साथ ही घर पर, रोड पर या खेल के समय आँखों की देखरेख भी जरुरी है, ताकि कही भी आँखों को कोई नुकसान ना हो सके | कम्पनी में आँखों की सुरक्षा के लिए व्यख्यान, संगोष्टी, परिचर्चा या बुकलेट, लीफलेट या पॉवर पॉइंट के माध्यम से जन जागरूकता अभियान होने चाहिए | आँखों में किसी भी चोट या एक्सीडेंट होने पर क्या करे -किसी भी इमरजेंसी में घबराए नहीं, आँखों में कुछ भी जाने पर आँखों को मसले रगड़े नहीं, आँखों को स्वच्छ पानी से धोए एवं तुरंत आँखों के विशेषज्ञ से संपर्क करे | डिजिटल स्ट्रेन से बचाव के नियम, आँखों में सक्रमण से बचाव, स्वच्छ वातावरण, स्वस्थ आदते, सालाना आँखों की जाँच ये सब जरुरी है | वर्क प्लेस पर होने वाली आँखों की तकलीफे एवं उनके उपचार – आँखों में उड़ते हुए कण से चोट – जैसे सीमेंट, मेटल, लकड़ी का बुरादा और कई तरह की छोटी फोरेन बॉडीज जीने जाने से आँखों में जलन, चुभन एवं पानी आना जैसी तकलीफ़ हो सकती है, ग्राइंडिंग के समय लोहे की किरच आँखों में जा सकती है केमिकल्स एवं धुएं, धुल की वजह से आँखों में जलन और नुकसान हो सकता है, ऐसे में आँखों को मसले, रगड़े या दबाये नहीं, स्वच्छ पानी से धोए एवं आंख को बंद करके, चाहे तो पट्टी लगा दे एवं ऑय सर्जन से तुरंत संपर्क करे, घरेलु घी, हनी या कोई भी उपचार ना करे, आँखों में गए हुए कण को स्वयं निकालने का प्रयास ना करे लोहे की किरच कई बार बहुत अन्दर तक आँखों में प्रवेश कर नुकसान पंहुचा सकती है इसलिए इसकी जानकारी डॉक्टर को दे एवं एक्सरे करवाए कई बार ब्लास्ट होने से ना केवल कण आँखों में जाते है बल्कि तेजी से आते हुए प्रेशर से आँखों को अन्दरूनी चोट लग सकती हे | ब्लंट ट्रामा- तेजी से आते हुए बड़े लकड़ी या मेटल के टुकड़े आँखों के हर पार्ट को नुकसान पंहुचा सकते है जैसे पलकों एवं आँखों में खून, पुतली एवं लेंस को चोट, मोतियाबिंद एवं परदे का खिसकना आदि कई समस्याए आ सकती है, जो कई बार गंभीर होती है एवं रौशनी को हमेशा के लिए ख़राब कर सकती है पेनीट्रेट्रिंग ट्रामा – इसमें कई बार तेजी से आती हुई भारी वस्तु के टकराने से या नुकीली तेज धारधार चीज़ या टुकड़े से आँखों पर कट लग जाते है, जो पलकों, काली पुतली, परदे या पूरी आंख को आर पार काट कर नुकसान पहुचाते है, इसमें आँखों को इमरजेंसी इलाज़ एवं ऑपरेशन की जरुरत होती है, कई बार तेज भारी वस्तु से पूरी आंख हमेशा के लिए चोटिल होकर सरचना एवं रौशनी दोनों ख़राब हो सकते है, कई बार ऐसे में आंख निकालकर प्रोस्थेटिक आंख लगानी होती है | आँखों में खून आ सकता है, चोट लगने पर डबल दिख सकता है | थर्मल बर्न – ब्लास्ट होने पर गर्म वस्तु आँखों से टकराने से या वेल्डिंग से या हॉट ओवन या गर्म मेटल से आँखों की पलके और काली पुतली जल सकती हे, कई बार आंखे पूरी तरह से इस तरह के एक्सीडेंट्स में जल कर ख़राब हो सकती है | इसलिए आँखों की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता पर रखना चाहिए और एक्सीडेंट होने पर आँखों को लगातार लम्बे समय तक ठन्डे पानी से धोते हुए तुरंत अस्पताल पहुचना चाहिए | केमिकल बर्न – इंडस्ट्रीज में एसिड, अल्कली, या कई ऐसे हानिकारक केमिकल्स की वजह से आँखों में एलर्जी, निशान एवं आँखों मे अंधत्व भी आ सकता है | हानिकारक रेडीएशंन से धीरे धीरे आँखों को नुकसान हो सकता है एवं ऑय को बर्न हो सकते है इसलिए बचाव करना चाहिए | आँखों में इन्फेक्शन –मेडिकल प्रोफेशंन से जुड़े लोग जैसे नर्सेज, डॉक्टर्स में इन्फेक्शन एवं सक्रमित व्यक्ति या मटेरियल से हो सकता है, इसलिए सारे सुरक्षा एहतियात लेना चाहिए, वेक्सिन का इस्तेमाल जरुरी है | कार्यस्थल, फैक्ट्रीज पर आँखों को चोट से बचाने के लिए विशेष ध्यान रखना जरुरी है | आँखों की सुरक्षा के लिए एहतियात बरतना सबके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है, जिसके लिए जागरूकता, सुरक्षा उपकरणों का सही इस्तेमाल, नियमित आँखों की जाँच, तुरंत प्राथमिक चिकित्सा एवं समय पर सही उपचार आँखों को अंधत्व से बचा सकता है |