У нас вы можете посмотреть бесплатно Chhand in Hindi Grammar ( छंद के प्रकार: मात्रिक छन्द | वर्णिक छन्द | सम छन्द | अर्धसम छन्द) или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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2 - मात्रिक सम छंद | अर्धसम मात्रिक छंद | विषम मात्रिक छंद : • Hindi Chhand (छंद) : (मात्रिक सम छंद, अर्ध... 3- वर्णिक छंद के प्रकार | वर्णिक और मात्रिक छंद में अंतर : • Hindi Chhand (छंद)-3 ( वर्णिक छंद के प्रका... रस , अलंकार , छंद =https://goo.gl/rGJ7UR Sandhi (हिंदी व्याकरण - संधि) : https://goo.gl/K87K1G समास, अव्ययीभाव समास,तत्पुरुष समास : https://goo.gl/WRuFHm शब्द , पद और पदबंध | संज्ञा, विशेषण, सर्वनाम, क्रिया, क्रियाविशेषण • Shabd pad aur padbandh class 10 - [शब्द , ... छन्द शब्द की रचना ‘छद् / चद्’ धातु में ‘असुन्’ प्रत्यय के जुड़ने से हुई है | छन्द की परिभाषा – १ जिस रचना में अक्षरों की निश्चित मात्रा का ध्यान रखा जाता है , उसे छंद कहते हैं | २ जिस रचना में मात्राओं एवं वर्णों की सीमा का ध्यान रखा जाता है , उसे छन्द कहते हैं | छन्द के संघटक तत्व आठ हैं और वे इस प्रकार हैं – 1 चरण – छन्द कुछ पंक्तियों का समूह होता है और प्रत्येक पंक्ति में समान वर्ण या मात्राएँ होती हैं | इन्हीं पंक्तियों को ‘चरण’ या ‘पाद’ कहते हैं | प्रथम व तृतीय चरण को ‘विषम’ तथा दूसरे और चौथे चरण को ‘सम’ कहते हैं | 2 वर्ण – ध्वनि की मूल इकाई को ‘वर्ण’ कहते हैं | छंद शास्त्र में हृस्व , दीर्घ वर्ण समझे जाते हैं | 3 मात्रा – किसी वर्ण के उच्चारण में जो समय लगता है उसको मात्रा कहते हैं | छंद शास्त्र में मात्राओं का बहुत महत्त्व होता है हृस्व स्वरों की एक मात्रा व दीर्घ स्वरों की दो मात्राएँ होती हैं | जैसे – राम में ‘रा’ में दो मात्रा और ‘म’ में एक मात्रा है अर्थात् राम में तीन मात्राएँ हैं | 4 लघु – एक मात्रा वाला अक्षर छंद शास्त्र में में ‘लघु’ कहलाता है | इसके लिए ( | ) चिह्न का प्रयोग होता है | जैसे – कमल में तीन मात्राएँ हैं – | | | = 3 मात्राएँ क म ल 5 गुरु - दो मात्राओं वाला अक्षर ‘गुरु’ कहलाता है | दो मात्राओं को ( ऽ ) चिह्न से प्रकट किया जाता है | जैसे - गीता में चार मात्राएँ हैं – ऽ ऽ = 4 मात्राएँ गी ता 6 यति – यति का अर्थ है – विराम | प्रत्येक चरण के अंत में विराम होता है जिसको यति कहते हैं | 7 गति – छंद का प्रभाव गति कहलाता है | 8 गण – ‘गण’ का अर्थ होता है – ‘समूह’ | वर्णिक छंदों में तीन वर्णों के समूह को गण कहते हैं और मात्रिक छंदों में चार मात्राओं के समूह को गण कहते हैं | गण आठ प्रकार के होते हैं | Web Search: #HindiGrammarB2A, #hindiGrammerB2A