У нас вы можете посмотреть бесплатно Shri Yamunaji 41 Pad 13-16, શ્રી યમુનાજી ના 41 પદ 13-16, श्री यमुनाजी के ४१ पद 13-16, или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Shri Yamunaji 41 Pad 13-16, - શ્રી યમુનાજી ના 41 પદ, - पुष्टिमार्ग कीर्तन,Haveli Sangeet, Kirtans, Bhajans, Shotras, Mantras, Pushtimarg Kirtan, Ashtachap, Bhagwati Prasad Ghandarva, Pushtimarg, Pushtimargiye Sangeet, SUR SAGAR, KIRTANKAR: Pt. BHAGWATI PRASAD Kirtans by: Bhagwati Prasad 00:00 पद 13 - चित्तमें श्रीयमुना निसदिन जु राखो 05:08 पद 14 - प्राणपति विहरत श्रीयमुना कूले 10:10 पद 15 - वारंवार श्रीयमुने गुणगान कीजे 15:28 पद 16 - हेत करि देत श्रीयमुने वास कुंजे पद संख्या 13 चित्त मे श्री यमुना निशदिन जु राखो भक्त के वश, कृपा करत है सर्वदा; ऐसो श्री यमुनाजीको है साखो. जा मुख ते श्री यमुने यह नाम आवे, संग किजे अब जाय ताको; 'चत्रभुजदास' अब कहत है सबनसों, तांते श्री यमुने श्री यमुने जु भाखो पद संख्या 14 प्राणपति विहरत श्री यमुना फुले, लुब्ध मकरंद के, भ्रमर ज्यों बस भये; देख रवि उदय, मानो कमल फुले. करत गुंजार मुरली जु ले सांवरो, सुनत व्रजवधू, तन सुध जु भूले; 'चत्रभुजदास' यमुने प्रेम सिन्धुमे, लाल गिरिधरन वर हरखि झुले. पद संख्या 15 वारंवार श्री यमुने गुणगान किजे, येहि रसनाते भजो नाम-रस-अमृत; भाग्य जाके हे सोई जु पीजे. भानु-तनया दया अतिही करुणामया इनकी कर आश, अब सदा ही जीजे; 'चत्रभुजदास' कहे, सोई प्रिय पास रहे, जोई श्री यमुनाजीके रस जु भींजे. पद संख्या 16 हेत करी देत श्री यमुने वास कुंजे, जहां निशवासर रास में रसिकवर; कहांलो बरनिये प्रेम पुंजे. थकित सरिता-नीर थकित व्रजवधू भीर, कोऊ न धरत धीर, मुरली सुनीजे. 'चत्रभुजदास'यमुने पंकज जानि, मधुपकी नांई चित्त लाय गुंजे. .