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#indiangeography #generalknowledge #बिहरकाभूगोल #BPSC #SSC #railway #banking #lokprahari1 भारत की भौगोलिक अवस्थिति: एक विस्तृत विश्लेषण यह दस्तावेज़ भारत की भौगोलिक स्थिति, इसके नामकरण, विस्तार और सीमावर्ती विशेषताओं का एक व्यापक विवरण प्रस्तुत करता है। यह विश्लेषण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारत की वैश्विक और क्षेत्रीय स्थिति को स्पष्ट करता है। 1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और नामकरण भारतीय सभ्यता और संस्कृति का उद्भव 'सिन्धु घाटी सभ्यता' से जुड़ा है। भारत के विभिन्न नामों के पीछे स्पष्ट ऐतिहासिक और भौगोलिक कारण रहे हैं: आर्यावर्त: उत्तर भारत में बसने वाले आर्यों के नाम पर। भारतवर्ष: आर्यों के शक्तिशाली राजा 'भरत' के नाम पर। हिन्दुस्तान: ईरानियों ने सिन्धु नदी को 'हिन्दू नदी' और इस देश को 'हिन्दुस्तान' कहा। इण्डिया: यूनानियों ने सिन्धु नदी को 'इण्डस' और इस देश को 'इण्डिया' कहा। 2. भौगोलिक अवस्थिति एवं आकार भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिण-मध्य भाग में स्थित एक विशाल देश है। इसकी भौगोलिक संरचना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: आकार: भारत का भौगोलिक आकार चतुष्कोणीय है। भौतिक विविधता: इसके उत्तर में ऊँचे हिमालय पर्वत, मध्य में विशाल नदी द्रोणियाँ, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी भाग में वनाच्छादित पहाड़ियाँ तथा उत्तरी-पश्चिमी भाग में रेतीले मरुस्थल स्थित हैं। भारतीय उपमहाद्वीप: भारत को 'भारतीय उपमहाद्वीप' का हिस्सा माना जाता है, जिसमें भारत सहित कुल सात देश शामिल हैं: भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका और पाकिस्तान। 3. क्षेत्रफल और वैश्विक स्थिति क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है। क्षेत्रफल के आधार पर देशों का क्रम इस प्रकार है: 1. रूस 2. कनाडा 3. संयुक्त राज्य अमेरिका 4. चीन 5. ब्राजील 6. ऑस्ट्रेलिया 7. भारत 4. अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार भारत पूर्णतः उत्तरी और पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है। इसका विस्तार विवरण निम्नवत है: मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार: 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तक। देशांतरीय विस्तार: 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर तक। संपूर्ण भारत का अक्षांशीय विस्तार (द्वीपों सहित): 6°45' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश के मध्य। दूरी: उत्तर से दक्षिण की लंबाई: 3,214 किमी. पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई: 2,933 किमी. 5. देश के चतुर्दिक अंतिम सीमा बिन्दु भारत की सीमाओं के अंतिम छोरों का विवरण इस तालिका में दिया गया है: सीमा बिन्दु स्थान विवरण उत्तरतम बिन्दु इन्दिरा कॉल लद्दाख (पूर्व में जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में उल्लिखित) दक्षिणतम बिन्दु (मुख्य भूमि) कन्याकुमारी (केप कमोरिन) तमिलनाडु दक्षिणतम बिन्दु (संपूर्ण) इन्दिरा प्वाइंट ग्रेट निकोबार द्वीप (6°45' उत्तरी अक्षांश) पश्चिमोत्तर बिन्दु गौरमोता या गुहार मोती गुजरात पूर्वोत्तर बिन्दु किबिथु अरुणाचल प्रदेश विशेष नोट: इन्दिरा प्वाइंट को पहले 'पिग्मेलियन प्वाइंट' या 'पारसन प्वाइण्ट' के नाम से जाना जाता था। यह भूमध्य रेखा से 876 किमी. दूर है और वर्ष 2004 की सुनामी में जलमग्न हो गया था। 6. सीमाएँ और तटरेखा भारत की स्थलीय और तटीय सीमाओं का विस्तार अत्यधिक व्यापक है: कुल तट रेखा: 7,516.6 किमी. पड़ोसी देशों के साथ सीमा विस्तार: बांग्लादेश: 4,096 किमी. चीन: 3,488 किमी. पाकिस्तान: 3,323 किमी. नेपाल: 1,751 किमी. म्यांमार: 1,643 किमी. भूटान: 699 किमी. अफगानिस्तान: 106 किमी. भारत के दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी (अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूह) और दक्षिण-पश्चिम में अरब सागर (लक्षद्वीप समूह) स्थित हैं, जो इसे सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।