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ज़रूर 👍#physics #exam #education #viral नीचे धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र का स्पष्ट, परीक्षा-उपयोगी धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र जब किसी चालक (तार) में विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो उसके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। यह चुंबकीय क्षेत्र चालक को चारों तरफ से समकेन्द्रीय वृत्तों (Concentric Circles) के रूप में घेरता है। चालक के पास चुंबकीय क्षेत्र अधिक प्रबल होता है तथा दूरी बढ़ने पर उसकी तीव्रता घटती जाती है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए दाहिने हाथ का अंगूठा नियम (Right Hand Thumb Rule) प्रयोग किया जाता है। यदि दाहिने हाथ के अंगूठे को धारा की दिशा में रखें, तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं। चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता लंबे सीधे धारावाही चालक के कारण किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता � निम्न सूत्र से दी जाती है: � = चालक में प्रवाहित धारा � = चालक से दूरी � = निर्वात की चुंबकशीलता मुख्य गुण चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएँ चालक के चारों ओर वृत्ताकार होती हैं। धारा बढ़ाने पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ती है। चालक से दूरी बढ़ने पर चुंबकीय क्षेत्र घटता है। धारा की दिशा बदलने पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा भी बदल जाती है। निष्कर्ष अतः स्पष्ट है कि धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो विद्युत एवं चुंबकत्व के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। यह सिद्धांत मोटर, जनरेटर एवं विद्युत चुंबकीय यंत्रों का आधार है। अगर चाहो तो मैं इसे ✔️ RAILWAY / SSC / ITI परीक्षा नोट्स स्टाइल में ✔️ चित्र सहित ✔️ बहुत शॉर्ट (2–3 लाइन) में भी बना सकता हूँ 😊