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सूखे विटप की सारिके !(1) सूखे विटप की सारिके ! उजड़ी-कटीली डार से मैं देखता किस प्यार से पहना नवल पुष्पाभरण तृण, तरु, लता, वनराजि को हैं जो रहे विहसित वदन ऋतुराज मेरे द्वार से। मुझ में जलन है प्यास है, रस का नहीं आभास है, यह देख हँसती वल्लरी हँसता निखिल आकाश है। जग तो समझता है यही, पाषाण में कुछ रस नहीं, पर, गिरि-हृदय में क्या न व्याकुल निर्झरों का वास है ? (2) बाकी अभी रसनाद हो, पिछली कथा कुछ याद हो, तो कूक पंचम तान में, संजीवनी भर गान में, सूखे विटप की डार को कर दे हरी करुणामयी पढ़ दे ऋचा पीयूष की, उग जाय फिर कोंपल नयी; जीवन-गगन के दाह में उड़ चल सजल नीहारिके। सूखे विटप की सारिके ! — रामधारी सिंह दिनकर @Voice365 भावार्थ : “सूखे विटप की सारिके” — रामधारी सिंह दिनकर कवि स्वयं को एक सूखे और कटीले वृक्ष के समान अनुभव करता है, जिसके भीतर गहरी पीड़ा, जलन और प्यास है। वह देखता है कि वसंत के आगमन से पूरी प्रकृति प्रसन्न है—तृण, लता, वृक्ष और वन नए पुष्पों से सज गए हैं, सबके मुख पर हँसी है। किंतु कवि का मन इस उल्लास से वंचित है, क्योंकि उसके भीतर जीवन-रस का अभाव है। संसार उसे पत्थर-हृदय समझता है, मानो उसके भीतर कोई संवेदना शेष न हो। पर कवि कहता है कि जैसे कठोर पर्वत के हृदय में भी व्याकुल झरने छिपे होते हैं, वैसे ही उसके भीतर भी गहन भावनाएँ, वेदना और जीवन की तीव्र आकांक्षा विद्यमान है। कविता के दूसरे भाग में कवि ‘सारिका’ से—जो प्रेरणा, करुणा और सृजन-शक्ति का प्रतीक है—प्रार्थना करता है कि यदि अब भी जीवन का संगीत शेष है और अतीत की स्मृतियाँ जीवित हैं, तो वह अपने मधुर गान से उसकी सूखी डाल को फिर से हरा-भरा कर दे। उसकी करुणामयी वाणी से नई कोंपलें फूट पड़ें और जीवन में पुनः आशा व चेतना जाग उठे। अंत में कवि कामना करता है कि जीवन की तपन में वह प्रेरणा उसे शीतल, सजल निहारिका बनकर ऊपर उठा ले जाए, जहाँ पीड़ा शांति में बदल जाए और जीवन पुनः सार्थक हो उठे। @Voice365 sukhe vitap ki sarike sukhe vitap ki sarike dinkar ramdhari singh dinkar poem dinkar ki kavita hindi kavita hindi poetry hindi poem explanation sukhe vitap ki sarike bhavarth sukhe vitap ki sarike meaning sukhe vitap ki sarike explanation motivational hindi poetry inspirational hindi poem emotional hindi poetry classic hindi poetry hindi sahitya hindi literature poem spoken hindi poetry deep hindi poetry poetry that touches heart voice 365 voice365 poetry #SukheVitapKiSarike #RamdhariSinghDinkar #DinkarPoetry #HindiPoetry #HindiKavita #MotivationalPoetry #InspirationalPoem #EmotionalPoetry #LifeChangingPoetry #PoetryThatHeals #HopeAndPain #DeepHindiPoetry #ClassicHindiPoem #IndianPoetry #Voice365 #PoetryLovers #LiteratureLovers #HindiLiterature #SpokenPoetry #SoulfulPoetry