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अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे ! // 07-02-26 // Shri #parmanandji #premanandjimaharaj #motivation समझ गया 👍 आप इसे viral motivation video caption की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं। ये रहे कुछ clean + powerful विकल्प—सीधे copy-paste लायक: Caption Option 1 (Strong & Simple) अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे! समय हाथ से निकल जाए, उससे पहले चेत जाओ। // 07-02-26 // #ShriParmanandJi #PremanandJiMaharaj #Motivation #SpiritualTruth Caption Option 2 (Viral Tone) जो आज नहीं समझा, वही कल सबसे ज़्यादा रुलाएगा। अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे! // 07-02-26 // #MotivationVideo #ViralVideo #PremanandJiMaharaj #Satya Caption Option 3 (Bhakti + Warning Vibe) समय रहते चेत जाना ही बुद्धिमानी है। अभी समझ जाओ, वरना बाद में पछताओगे। // 07-02-26 // #ParmanandJi #BhaktiMarg #LifeTruth #Motivation Extra Viral Hashtags (add 3–5 only) #Sanatan #SpiritualReels #LifeLesson #AnmolVachan #TruthOfLife “अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे!” यह वाक्य केवल एक चेतावनी नहीं है, बल्कि जीवन का कड़वा-मीठा सत्य है। संतों, महापुरुषों और विशेषकर श्री परमानंद जी / प्रेमानंद जी महाराज जैसे संतों के वचनों का सार भी यही है कि समय रहते जो नहीं समझा, वही आगे चलकर सबसे बड़ा दुःख बन जाता है। समय का महत्व मनुष्य के जीवन में सबसे मूल्यवान चीज़ समय है। धन खो जाए तो दोबारा कमाया जा सकता है, रिश्ते बिगड़ जाएँ तो सुधारे जा सकते हैं, लेकिन जो समय निकल गया वह कभी वापस नहीं आता। जब संत कहते हैं “अभी समझ जाओ” तो उनका तात्पर्य यही होता है कि यह जो आज का क्षण है, यही परिवर्तन का अवसर है। कल केवल पछतावे के आँसू देता है। अक्सर मनुष्य सोचता है— “अभी तो उम्र पड़ी है” “अभी भक्ति बाद में करेंगे” “अभी गलत आदतें चलने दो” लेकिन यही “अभी नहीं” एक दिन “अब बहुत देर हो गई” में बदल जाता है। समझ का अर्थ क्या है? यहाँ “समझना” केवल ज्ञान लेना नहीं है, बल्कि जीवन की सच्चाई को स्वीकार करना है। समझने का अर्थ है: यह जान लेना कि शरीर नश्वर है सांस कभी भी रुक सकती है जो आज अपना लगता है, कल साथ नहीं जाएगा कर्म का फल निश्चित है भोग से कभी तृप्ति नहीं मिलती संत बार-बार यही समझाते हैं कि संसार में सब कुछ अस्थायी है, केवल नाम, भक्ति और सत्कर्म ही स्थायी हैं। क्यों बाद में पछतावा होता है? पछतावा इसलिए होता है क्योंकि जब समय निकल जाता है तब मनुष्य को सच्चाई दिखती है। जब: स्वास्थ्य बिगड़ जाता है, तब शरीर की कीमत समझ आती है रिश्ते टूट जाते हैं, तब व्यवहार की गलती दिखती है मृत्यु पास आती है, तब भक्ति की याद आती है लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है। प्रेमानंद जी महाराज जैसे संतों का संदेश यही है कि जिस सच्चाई को लोग अंतिम समय में समझते हैं, उसे अभी समझ लो—ताकि जीवन सफल हो सके। भक्ति को टालने की भूल अधिकतर लोग भक्ति को बुढ़ापे के लिए छोड़ देते हैं। वे कहते हैं: “अभी दुनिया देखनी है” “अभी पैसा कमाना है” “अभी मज़े करने हैं” लेकिन कोई यह नहीं जानता कि बुढ़ापा आएगा भी या नहीं। मृत्यु न उम्र देखती है, न हालात। जब समय मिलता है तब मन तैयार नहीं होता, और जब मन तैयार होता है तब समय नहीं बचता। इसीलिए संत कहते हैं— “अभी समझ जाओ, अभी नाम जपो, अभी सुधर जाओ।” आज का निर्णय, कल का भविष्य मनुष्य का भविष्य उसके आज के निर्णयों से बनता है। आज की लापरवाही = कल का पछतावा आज का संयम = कल की शांति अगर आज: अहंकार छोड़ा क्रोध पर नियंत्रण किया गलत संगति से दूरी बनाई प्रभु का स्मरण शुरू किया तो आने वाला जीवन हल्का, शांत और अर्थपूर्ण बन जाता है। संसार की सबसे बड़ी चाल माया की सबसे बड़ी चाल यही है कि वह कहती है— “अभी नहीं, बाद में।” और यही “बाद में” मनुष्य को जीवन भर भटकाता रहता है। जब तक आँख खुलती है, तब तक जीवन ढल चुका होता है। इसलिए संतों के वचन कठोर लगते हैं, लेकिन वे करुणा से भरे होते हैं। वे हमें डराने नहीं, जगाने आते हैं। संतों की चेतावनी = करुणा जब कोई संत कहता है “अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे” तो यह डाँट नहीं है, यह माँ की तरह की चेतावनी है। जैसे माँ आग के पास बच्चे को डाँटकर हटाती है ताकि वह जल न जाए। संत भी जीवन की आग से हमें बचाना चाहते हैं। क्या समझना ज़रूरी है? हमें यह समझना ज़रूरी है कि: जीवन का लक्ष्य केवल सुख-सुविधा नहीं सच्चा सुख भीतर से आता है भक्ति कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी शक्ति है विनम्रता ही सच्ची बुद्धि है जो यह समझ गया, उसका जीवन सफल हो गया। जो नहीं समझा, उसे अंत में केवल पछतावा ही हाथ लगा। निष्कर्ष यह वाक्य— “अभी समझ जाओ वरना बाद में पछताओगे” जीवन का सार है। यह हमें आज बदलने का अवसर देता है। आज सुधरने की प्रेरणा देता है। आज प्रभु की ओर मुड़ने का निमंत्रण देता है। कल का भरोसा मत करो। आज ही समझो। आज ही जागो। आज ही जीवन को सही दिशा दो। क्योंकि जो आज समझ गया, वह कभी नहीं पछताएगा। 🙏