У нас вы можете посмотреть бесплатно आप किस श्रेणी के साधक हैं? 🔥 मृदु, मध्यम या अधिमात्र? | योगसूत्र ध्यान или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
योगसूत्र समाधि पाद – सूत्र 1.21 और 1.22 महर्षि पतंजलि स्पष्ट कहते हैं— 🔹 “तीव्रसंवेगानामासन्नः” जिनका संवेग तीव्र है, उनके लिए समाधि निकट है। 🔹 “मृदुमध्याधिमात्रत्वात्ततोऽपि विशेषः” साधना की तीव्रता में भिन्नता से फल में भी भिन्नता आती है। इस गहन ध्यान और हीलिंग सत्र में हम अनुभव करते हैं— 🔥 अपनी साधना की वास्तविक स्थिति 🔥 पुरुषार्थ की आंतरिक अग्नि 🔥 संकल्प की प्रखरता 🔥 मृदु से अधिमात्र संवेग की यात्रा यह ध्यान उन साधकों के लिए है जो अपने आध्यात्मिक जीवन को गंभीरता से लेना चाहते हैं। समाधि समय का प्रश्न नहीं है— संवेग का प्रश्न है। 🌿 इस साधना में आप पाएँगे: ✨ आंतरिक प्रेरणा ✨ ऊर्जा सक्रियण ✨ संकल्प सुदृढ़ीकरण ✨ साधना की स्पष्ट दिशा 🔔 यदि यह ध्यान आपको भीतर से प्रेरित करे, तो अपनी अनुभूति कमेंट में साझा करें। चैनल “सुधि ज्ञान साधना” को सब्सक्राइब करें। Tags #योगसूत्र 1.21, #योगसूत्र 1.22, #तीव्र संवेग, #पुरुषार्थ, #समाधि पाद, #गहन ध्यान, #आध्यात्मिक प्रेरणा, #ट्रान्स ध्यान, #पतंजलि योगदर्शन, #Sudhi Gyan Sadhana