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#NilotpalMrinal #Aughad #AughadNovel #HindiNovel #HindiHumour #CoronaAurKitaben #SahityaTak नीलोत्पल मृणाल, जितना शानदार नाम, उतने ही उम्दा लेखक, युवाओं में बेहद लोकप्रिय, जिंदादिल इनसान. नीलोत्पल अपने समय की गाथा लिखते हैं, सोशल मीडिया के साथ ही जमीन पर भी सक्रीय रहते हैं और इसीलिए नई पीढ़ी के सर्वाधिक लोकप्रिय लेखकों में शुमार होते हैं. उन्हें वर्ष 2015 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार दिया गया. नीलोत्पल मृणाल बिलकुल अपने नाम की तरह ही साहित्य जगत में खिले और छा गये. जैसे नील कमल फूलों की दुनिया का बादशाह और खास होता है, साहित्य जगत के लिए नीलोत्पल वैसे ही खास हैं. झारखंड के दुमका जिले के नौनिहाट गांव के रहने वाले हैं और रहन सहन से लेकर बोलचाल तक में गांव को जीते हैं. उम्दा लेखक, शानदार वक्ता और जानदार गायक तो वह हैं ही. नीलोत्पल मृणाल ने हिंदी में 'डार्क हॉर्स' और 'औघड़' जैसी किताबें लिखीं, जो बेस्टसेलर साबित हुईं. 'डार्क हॉर्स' दिल्ली के मुखर्जी नगर में यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं की जिंदगी पर आधारित किताब है, तो 'औघड़' ग्रामीण राजनीति की परतें खोलने वाली किताब है. 'औघड़' के परिचय में लिखा है कि 'औघड़' नई सदी के गांव को नई पीढ़ी के नजरिये से देखने का गहरा प्रयास है. महानगरों में निवासते हुए ग्रामीण जीवन की ऊपरी सतह को उभारने और भदेस का छौंका मारकर लिखने की चालू शैली से अलग, 'औघड़' गांव पर गांव में रहकर, गांव का होकर लिखा गया उपन्यास है. ग्रामीण जीवन की कई परतों की तह उघाड़ता यह उपन्यास पाठकों के समक्ष कई विमर्श भी प्रस्तुत करता है. इस उपन्यास में भारतीय ग्राम्य व्यवस्था के सामाजिक-राजनितिक ढांचे की विसंगतियों को बेहद सहज तरीके से उजागर किया गया है. 'औघड़' धार्मिक पाखंड, जात-पात, छुआछूत, महिला की दशा, राजनीति, अपराध और प्रशासन के त्रियक गठजोड़, सामाजिक व्यवस्था की सड़न, संस्कृति की टूटन, ग्रामीण मध्य वर्ग की चेतना के उलझन इत्यादि विषयों से गुरेज करने के बजाय, इन पर बहुत ठहरकर विचारता और प्रचार करता चलता है. व्यंग्य और गंभीर संवेदना के संतुलन को साधने की अपनी चिर-परिचित शैली में नीलोत्पल मृणाल ने इस उपन्यास को लिखते हुए हिंदी साहित्य की चलती आ रही सामाजिक सरोकार वाली लेखन को थोड़ा और आगे बढ़ाया है.... ऐसे दौर में जब कोरोना ने हमें घरों में कैद कर दिया है, तब आप साहित्य तक पर लगातार नामीगिरामी लेखकों के साथ चर्चित पुस्तकों या रचनाओं के अंश सुन रहे हैं. इसी क्रम में 'कोरोना और किताबें' शृंखला के लिए नीलोत्पल मृणाल ने अपने चर्चित उपन्यास 'औघड़' के अंश पढ़े हैं. इस पुस्तक को हिंद युग्म ने प्रकाशित किया है.... तो हमारे दौर के युवा और दमदार लेखक नीलोत्पल मृणाल और साहित्य तक के साथ चलिए किस्सा-कहानियों और किताबों की उस अनूठी दुनिया में, जहां ज्ञान भी है, मनोरंजन भी, सीख है, तो साथ भी...क्योंकि शब्दों से, किताबों से बेहतर कोई और साथी नहीं. ............................ About the Channel Sahitya Tak आपके पास शब्दों की दुनिया की हर धड़कन के साथ I शब्द जब बनता है साहित्य I वाक्य करते हैं सरगोशियां I जब बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, निबंध, लेख, किस्से व उपन्यास I Sahitya Tak अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा साहित्य के क्षेत्र की हर हलचल I सूरदास, कबीर, तुलसी, भारतेंदु, प्रेमचंद, प्रसाद, निराला, दिनकर, महादेवी से लेकर आज तक सृजित हर उस शब्द की खबर, हर उस सृजन का लेखा, जिससे बन रहा हमारा साहित्य, गढ़ा जा रहा इतिहास, बन रहा हमारा वर्तमान व समाज I साहित्य, सृजन, शब्द, साहित्यकार व साहित्यिक हलचलों से लबरेज दिलचस्प चैनल Sahitya Tak. तुरंत सब्स्क्राइब करें व सुनें दादी मां के किस्से कहानियां ही नहीं, आज के किस्सागो की कहानियां, कविताएं, शेरो-शायरी, ग़ज़ल, कव्वाली, और भी बहुत कुछ I Sahitya Tak - Welcome to the rich world of Hindi Literature. From books to stories to poetry, essays, novels and more, Sahitya Tak is a melting pot where you will keep abreast of what's the latest in the field of literature. We also delve into our history and culture as we explore literary gems of yesteryears from Surdas, Kabir, Tulsi, Bhartendu, Premchand, Prasad, Nirala, Dinkar, Mahadevi, etc. To know more about how literature shapes our society and reflects our culture subscribe to Sahitya Tak for enriching stories, poems, shayari, ghazals, kawali and much more. Subscribe Sahitya Tak now. Follow us on Facebook: / sahityatakoffical