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Experience divine vibrations through this powerful Sanskrit stuti dedicated to Lord Shiva, the Supreme Yogi, the destroyer of negativity, and the ocean of compassion. This sacred hymn glorifies Mahadev as Neelkanth, Gangadhar, Pashupati, and Vishwanath — the eternal protector of the universe. Chanting this stuti with devotion fills the heart with peace, removes fear, and awakens inner strength. Let the divine name of Shiva cleanse your soul and illuminate your path toward moksha. #ShivStuti #HarHarMahadev #Mahadev #OmNamahShivaya #ShivaBhajan #SanskritStotra #Devotional #SpiritualVibes #ShivBhakti #HinduDevotion #Mahakal #DivineChants #VedicMantra #SanatanDharma #8KCinematic #new ॐ नमः शिवाय शान्ताय नीलकण्ठाय ते नमः। त्रिनेत्राय त्रिशूलाय महादेवाय ते नमः॥ नमामि शम्भुं शशिधरं गिरिजार्धाङ्गधारिणम्। गङ्गाधरं करुणासिन्धुं जगतां हितकारिणम्॥ वन्दे देवम् उमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणम्। वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम्॥ कालकालं कृपालुं तं कालभैरवरूपिणम्। संसारार्णवतारकं भवभीतिनिवारणम्॥ दिगम्बरं विश्वनाथं विश्वरूपं महेश्वरम्। भक्तवत्सलं आनन्दं वन्दे शिवं सनातनम्॥ भस्मोद्धूलितविग्रहं व्याघ्रचर्माम्बरावृतम्। नागहारं चन्द्रमौलिं त्रैलोक्यनाथमव्ययम्॥ नित्यं ध्यायामि देवेशं रुद्रं परमकारणम्। योगीन्द्रहृदयावासं प्रणवस्वररूपिणम्॥ त्वमेव सृष्टिकर्ता च त्वमेव पालनकर्ता। त्वमेव संहर्ता देव विश्वस्य परमेश्वरः॥ त्वं वेदानां रहस्यं च त्वं ज्ञानं च परं पदम्। त्वं मन्त्रः त्वं तपः शान्तिः त्वं मुक्तेः परमं गतिः॥ करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्॥ विहितमविहितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व। जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥ त्वदीयं नामस्मरणं सर्वदुःखविनाशनम्। त्वदीयं चरणाम्भोजं मोक्षमार्गप्रकाशकम्॥ भवबन्धविच्छेदाय कृपां कुरु मयि प्रभो। अनुकम्पां प्रसादं च देहि मे नीललोहित॥ त्वमेव माता च पिता त्वमेव। त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव। त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव। त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥ नमस्ते अस्तु भगवन् विश्वेश्वराय महादेवाय। त्र्यम्बकाय त्रिपुरान्तकाय त्रिकालज्ञाय नमो नमः॥ हर हर महादेव॥