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कक्षा 12 की भौतिकी (Physics) में प्रिज्म (Prism) और प्रकाशीय उपकरण (Optical Instruments) बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय हैं। यह न केवल बोर्ड परीक्षा के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) के लिए भी आधार तैयार करते हैं। यहाँ इस अध्याय के मुख्य बिंदुओं का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण दिया गया है: 1. प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन (Refraction through Prism) जब प्रकाश की किरण प्रिज्म से गुजरती है, तो वह अपने आधार की ओर झुक जाती है। विचलन कोण (\delta): आपतित किरण (incident ray) और निर्गत किरण (emergent ray) के बीच बनने वाले कोण को विचलन कोण कहते हैं। न्यूनतम विचलन कोण (\delta_m): एक विशेष आपतन कोण पर विचलन सबसे कम होता है। इस स्थिति में i = e और r_1 = r_2 होता है। प्रिज्म का सूत्र: यदि प्रिज्म का कोण A और अपवर्तनांक n है, तो: \mu = \frac{\sin\left(\frac{A + \delta_m}{2}\right)}{\sin\left(\frac{A}{2}\right)} 2. प्रकाश का विक्षेपण (Dispersion of Light) जब श्वेत प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों (VIBGYOR) में विभाजित हो जाता है। इसे वर्ण-विक्षेपण कहते हैं। कारण: अलग-अलग रंगों के लिए कांच का अपवर्तनांक अलग-अलग होता है (बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम)। कोणीय विक्षेपण (\theta): बैंगनी और लाल रंगों के विचलन कोणों का अंतर। \theta = \delta_V - \delta_R 3. प्रकाशीय उपकरण (Optical Instruments) इन उपकरणों का उपयोग छोटी वस्तुओं को बड़ा देखने या दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देखने के लिए किया जाता है। क. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) यह कम फोकस दूरी वाला एक उत्तल लेंस होता है। आवर्धन क्षमता (M): * जब प्रतिबिंब स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी (D) पर बने: M = 1 + \frac{D}{f} जब प्रतिबिंब अनंत पर बने: M = \frac{D}{f} ख. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) इसमें दो उत्तल लेंस होते हैं: अभिदृश्यक (Objective) और नेत्रिका (Eyepiece)। इसका उपयोग बहुत सूक्ष्म वस्तुओं (जैसे कोशिकाएं) को देखने के लिए किया जाता है। ग. खगोलीय दूरदर्शक (Astronomical Telescope) इसका उपयोग आकाशीय पिंडों (तारे, ग्रह) को देखने के लिए होता है। इसमें अभिदृश्यक लेंस बड़ा और नेत्रिका छोटी होती है। महत्वपूर्ण सूत्र और परिभाषाएं | शब्द | परिभाषा / सूत्र | |---|---| | प्रिज्म कोण (A) | प्रिज्म के दो अपवर्तक पृष्ठों के बीच का कोण। | | वर्ण विक्षेपण क्षमता (\omega) | \omega = \frac{\delta_V - \delta_R}{\delta_y} (जहाँ \delta_y पीले रंग का विचलन है)। | | स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी | सामान्य आंख के लिए यह 25 cm होती है। | नोट: बोर्ड परीक्षा में अक्सर न्यूनतम विचलन कोण के सूत्र का निगमन और संयुक्त सूक्ष्मदर्शी का किरण आरेख (Ray Diagram) पूछा जाता है। इन्हें अच्छे से अभ्यास कर लें। क्या आप चाहेंगे कि मैं इनमें से किसी विशेष टॉपिक (जैसे सूक्ष्मदर्शी का किरण आरेख) को और विस्तार से समझाऊं या इस पर कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न बताऊं?