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नमस्ते! उत्तर प्रदेश (UP) बोर्ड कक्षा 12 के भौतिक विज्ञान (Physics) के अंतर्गत "प्रकाश की प्रकृति" (Nature of Light) और "व्यतिकरण" (Interference) बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय हैं। यहाँ इन दोनों विषयों का सरल और स्पष्ट सारांश दिया गया है: 1. प्रकाश की प्रकृति (Nature of Light) ऐतिहासिक रूप से प्रकाश की प्रकृति को लेकर दो मुख्य सिद्धांत रहे हैं: न्यूटन का कणिका सिद्धांत: न्यूटन के अनुसार प्रकाश सूक्ष्म कणों (Corpuscles) से बना है। हाइगेन्स का तरंग सिद्धांत: हाइगेन्स ने बताया कि प्रकाश तरंगों के रूप में चलता है। शुरुआत में इसे 'अनुदैर्ध्य' (Longitudinal) माना गया था, लेकिन बाद में 'अनुप्रस्थ' (Transverse) सिद्ध हुआ। प्रकाश की द्वैत प्रकृति (Dual Nature): आधुनिक भौतिकी के अनुसार, प्रकाश तरंग (Wave) और कण (Particle/Photon) दोनों की तरह व्यवहार करता है। हाइगेन्स का द्वितीयक तरंगिकाओं का सिद्धांत हाइगेन्स ने तरंगों के आगे बढ़ने की व्याख्या करने के लिए तीन मुख्य बातें बताईं: तरंगाग्र (Wavefront): किसी माध्यम में वह सतह जिस पर स्थित सभी कण समान कला (Phase) में कंपन कर रहे हों। माध्यम का प्रत्येक कण एक नए तरंग स्रोत की तरह कार्य करता है, जिसे द्वितीयक तरंगिकाएं कहते हैं। इन तरंगिकाओं को स्पर्श करता हुआ बाहरी आवरण नए तरंगाग्र की स्थिति बताता है। 2. प्रकाश का व्यतिकरण (Interference of Light) जब किसी माध्यम में एक ही आवृत्ति (Frequency) की दो प्रकाश तरंगें एक साथ एक ही दिशा में चलती हैं, तो उनके अध्यारोपण (Superposition) के कारण माध्यम के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश की तीव्रता में परिवर्तन हो जाता है। इस घटना को व्यतिकरण कहते हैं। व्यतिकरण के प्रकार: संपोषी व्यतिकरण (Constructive Interference): जहाँ दोनों तरंगें समान कला में मिलती हैं, वहाँ प्रकाश की तीव्रता अधिकतम होती है। पथांतर (Path Difference): \Delta x = n\lambda (जहाँ n = 0, 1, 2, ...) विनाशी व्यतिकरण (Destructive Interference): जहाँ तरंगें विपरीत कला में मिलती हैं, वहाँ प्रकाश की तीव्रता न्यूनतम (या शून्य) होती है। पथांतर (Path Difference): \Delta x = (2n-1)\frac{\lambda}{2} 3. यंग का द्वि-स्लिट प्रयोग (Young’s Double Slit Experiment - YDSE) थॉमस यंग ने व्यतिकरण को प्रयोगात्मक रूप से सिद्ध किया। उन्होंने दिखाया कि पर्दे पर वैकल्पिक रूप से दीप्त (Bright) और अदीप्त (Dark) पट्टियाँ बनती हैं, जिन्हें फ्रिंज (Fringes) कहते हैं। फ्रिंज चौड़ाई का सूत्र: \beta = \frac{D\lambda}{d} जहाँ: \beta = फ्रिंज की चौड़ाई D = स्लिटों और पर्दे के बीच की दूरी d = दोनों स्लिटों के बीच की दूरी \lambda = प्रकाश की तरंगदैर्ध्य याद रखने योग्य मुख्य बिंदु (Exam Tips): कला सम्बद्ध स्रोत (Coherent Sources): व्यतिकरण के लिए ऐसे स्रोतों का होना अनिवार्य है जिनसे निकलने वाली तरंगों के बीच का कलांतर (Phase difference) समय के साथ स्थिर रहे। प्रकाश के व्यतिकरण की घटना ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। क्या आप चाहते हैं कि मैं हाइगेन्स के सिद्धांत के आधार पर परावर्तन या अपवर्तन की व्याख्या विस्तार से समझाऊँ? यह UP Board परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है। #Vyatikaran #PhysicsLovers #ScienceHindi #WaveOptics #QuantumPhysics #PhysicsConcepts #ScienceExplained #Vigyan