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जय जिनेन्द्र 🙏 आपका स्वागत है हमारी श्रृंखला “Jain Darshan: Sach Ko Kaise Dekhen?” के EP 76 में — जहाँ हम “मतभेद और संवेदनशील सोच” के गहरे अर्थ को जैन दर्शन के आधार पर समझने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले भाग (EP 75) में हमने “दृष्टि और वास्तविकता” के सूक्ष्म संबंध को जाना था — कैसे हमारी अवस्था, भावना, ज्ञान-सीमा और अनुभव वास्तविकता को बदल सकते हैं, और क्यों दो व्यक्ति एक ही वस्तु को अलग-अलग रूप में देख सकते हैं। अब स्वाभाविक रूप से अगला प्रश्न सामने आता है— जब दृष्टि अलग-अलग है, तो फिर मतभेद को शांत कैसे किया जाए? और संवेदनशील सोच व्यवहार में कैसी दिखती है? इसी दिशा में, इस भाग (EP 76) में हम समझने की कोशिश करेंगे: • मतभेद का मूल कारण क्या है • लोग एक ही परिस्थिति को अलग क्यों समझते हैं • संवेदनशील सोच का वास्तविक अर्थ क्या है • सुनना, विचार करना और संयमित उत्तर देना — इन तीनों का शास्त्रीय आधार क्या है • संवाद अहिंसक कैसे बने • और अनेकांत व स्याद्वाद हमारे विचारों को संतुलित और विनम्र कैसे बनाते हैं इस एपिसोड में आप जानेंगे — Chapters — 00:00 Intro 📚 शोध व स्रोत (Research & References): इस एपिसोड में दी गई सारी जानकारी केवल Jain Shastras और आचार्य-ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी बाहरी या आधुनिक ग्रंथ का उपयोग नहीं किया गया है। 👉 मुख्य संदर्भ ग्रंथ: इस भाग की सारी जानकारी इन चार जैन ग्रन्थों पर आधारित है: १) तत्त्वार्थसूत्र — आचार्य उमास्वामी २) आप्तमीमांसा — आचार्य समन्तभद्र ३) नय-साहित्य / नय-ग्रंथ (परम्परागत नय परम्परा) ४) प्रवचनसार — आचार्य कुंदकुंद इन्हीं आधारों पर हमने मतभेद, दृष्टि-भेद, नय-दृष्टिकोण, संवेदनशील सोच, संयमित वाणी, और अहिंसक संवाद जैसी बातों को सरल भाषा में समझने का प्रयास किया है। 🎧 Podcast Series Info: श्रृंखला / Podcast : Jain Darshan: Sach Ko Kaise Dekhen? भाग: 7 (EP 76) 🔹 Presented by : Rushabh Jain & Jinvani Shorts 🔹 Research & Script: Based on तत्त्वार्थसूत्र, आप्तमीमांसा, नय-साहित्य, प्रवचनसार 🔸 Narration: AI Voice (Directed by Rushabh Jain) 🔸 Editing by: Rushabh Jain ✅ 100% Original content researched, written & produced by our team. 📅 नया भाग हर 2 दिन में जारी किया जाएगा। इसलिए चैनल से जुड़े रहें हर नए अध्याय के साथ। #JainDarshan #SamvedansheelSoch #MatbhedKaSamadhan #JainPhilosophy #SachKoKaiseDekhen #JinvaniShorts 👉 Next Episode Reminder (Part 8): आप हमारे अगले भाग — “Saty Ko Kaise Dekhen? Saty Ko Kai Konon Se Dekhne Ki Vidhi Aur Nirnay Se Pehle Samajh Ko Pakka Kaise Karen?” (EP 77) में अवश्य जुड़ें। इसमें हम समझेंगे कि सत्य को देखने की सही प्रक्रिया क्या है और निर्णय लेने से पहले समझ को स्थिर, शांत और सापेक्ष कैसे बनाया जाए। यह वीडियो हमारी स्वयं की अध्ययन-प्रक्रिया पर आधारित है। सभी शोध, लेखन और सामग्री का संकलन हमने अपने प्रयास से किया है। हम अभी सीखने की कोशिश कर रहे हैं और जैन दर्शन को सरल भाषा में समझने का प्रयास कर रहे हैं। जय जिनेन्द्र 🙏